एक अंतरराष्ट्रीय सामाजिक-सांस्कृतिक मंच,
जो वर्दीधारी परिवारों के कल्याण,
सार्थक साहित्य के सृजन,
भारतीय संस्कृति के संरक्षण
और सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित है।
संक्षिप्त परिचय
अंतर्राष्ट्रीय अनघ मंच सामाजिक सरोकार और देशप्रेम को समर्पित एक सार्वजनिक मंच है। यह मंच सैनिकों, साहित्यकारों, समाजसेवियों और सांस्कृतिक चिंतकों को एक साझा मंच प्रदान करता है,
जहाँ विचार, संवेदना और रचनात्मकता का सार्थक संगम होता है। यह मंच निरंतर ऐसे आयोजनों और अभियानों के माध्यम से सक्रिय है जो राष्ट्र, समाज और संस्कृति को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।
चार स्तंभ
🔸 सैनिक सरोकार
वर्तमान एवं भूतपूर्व सैनिकों तथा उनके परिवारों के कल्याण हेतु
साहित्यिक, सामाजिक और सम्मान आधारित पहल।
🔸 साहित्यिक सृजन एवं विमर्श
सार्थक साहित्य के सृजन, प्रकाशन, पाठ, संवाद और विमर्श का सशक्त मंच।
🔸 भारतीय संस्कृति का पुनर्जागरण
भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं और विरासत का संरक्षण, संवर्धन एवं प्रसार।
🔸 सामाजिक सरोकार
सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण, कानूनी जागरूकता और समावेशी विकास के कार्यक्रम।
हमारे उद्देश्य
• वर्दीधारी लोगों एवं उनके परिवारों के सर्वांगीण कल्याण हेतु पहल
• सार्थक साहित्य के सृजन, प्रकाशन एवं लोकप्रियकरण को प्रोत्साहन
• सामाजिक और पर्यावरणीय सरोकारों पर जागरूकता एवं सक्रिय भागीदारी
• भारतीय संस्कृति, मूल्यों और विरासत का संरक्षण एवं प्रसार
सामाजिक एवं कानूनी सरोकार
अंतर्राष्ट्रीय अनघ मंच
कानूनी जागरूकता और वंचित वर्गों को सहायता प्रदान करने हेतु भी सक्रिय है।
न्याय यात्राओं, जनजागरूकता अभियानों
और सामाजिक संवाद के माध्यम से
यह मंच न्याय और समानता की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।
ग्रामीण सहभागिता
ग्रामीण अंचलों में किसानों, विद्यार्थियों,
भूतपूर्व सैनिकों और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन।
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र सहित कई क्षेत्रों में मंच की सक्रिय सहभागिता रही है।
महत्वपूर्ण आयोजन
कुछ लोकप्रिय और राष्ट्रीय स्तर पर चढ़ाए गए कार्यक्रम निम्नलिखित हैं:
29 जनवरी को प्रति वर्ष वर्दीधारी परिवारों को समर्पित साहित्य और पराक्रम का राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जाता है जिसमे वर्तमान और भूतपूर्व वर्दीधारी भाग लेते हैं। 29 जनवरी 2025, इस मंच द्वारा सैनिक दिवस के रूप में मनाया गया, जिसमें कई भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। सैनिक कवियों द्वारा ओज, देश प्रेम ,और श्रृंगार रस, की कविताओं का पाठ कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वर्तमान और भूतपूर्व सैनिक, उनके परिवार और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। 29 जनवरी 2026 भी एक अभूतपूर्व दिवस के रूप में मनाया जायेगा जिसमें यह मंच तीन विश्व रिकार्ड बनाने का प्रयत्न करेगा।
वंदे मातरम ब्लॉग पर आवाजों के अंतः स्वर कार्यक्रम में विशिष्ट व्यक्तियों का देश के ज्वलंत मुद्दों पर संवाद। इस कार्यक्रम में अब तक 35 से ज्यादा संवाद आयोजित किये जा चुके हैं।
स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में भी मंच एक बड़ा आयोजन करता है। 2025 में *जश्न ए आजादी के शीर्षक से 10 दिन का एक अंतरराष्ट्रीय कविता पाठ का कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसे अपनी लोकप्रियता के कारण 10 दिन से बढ़कर 20 दिन करना पड़ा। इस 20 दिवसीय कार्यक्रम में देश-विदेश के लगभग 70 कवियों ने अपने वीर रस और देश प्रेम की कविताओं से लोगों का दिल जीत लिया।
** राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पर्वों पर विशेष कार्यक्रम मंच विशेष अवसरों पर कोई ना कोई अभूतपूर्व कार्यक्रम आयोजित करता है जिसे प्रायः विशेष रूप से पसंद किया जाता है।
** सामाजिक और सांस्कृतिक सरोकारों के कार्य यह मंच एम आर गीता चंद्र वेलफेयर सोसाइटी से भी निकट रूप से जुड़ा हुआ है, जो गरीब और वंचित बच्चों को पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप और मेंटरिंग देती है तथा एक क्लाउड किचन गीता माधुरी रसोई द्वारा गरीब मरीजों को निशुल्क भोजन देती है। यह संस्था पर्यावरण की कार्य में भी गंभीर रूप से जुड़ी हुई है।
** काव्य गोष्ठियां मंच नियमित रूप से काव्य गोष्ठियां आयोजित करता है जो देश के ज्वलंत मुद्दों पर आधारित होती हैं चाहिए वह राष्ट्रीय महत्व क्यों पर्यावरण संबंधित हो या सामाजिक और सांस्कृतिक सरोकारों के हों
** सामाजिक सरोकार और कानूनी सहायता के कार्यक्रम
कानूनी जागरूकता और वंचितों को कानूनी सहायता देने में भी इस मंच ने काफी कार्य किया है। चाहे 2012 में निकल गई एक बड़ी सफल न्याय यात्रा हो जो संस्था के लिए एक मील का पत्थर था, या 2025 में फोरम फॉर फास्ट जस्टिस के साथ मिलकर वाराणसी में जागरूकता का एक बड़ा आयोजन हो, यह मंच न्याय और कानूनी जागरूकता के क्षेत्र में लगातार काम कर रहा है।
** ग्रामीण अंचल में समावेशी कार्यक्रम अपने सामाजिक और सांस्कृतिक सरोकारों को लेकर मंच बहुत गंभीर है। मंच लगातार अन्य संस्थाओं से मिलकर सुदूर ग्रामीण अंचलों में सभी वर्गों को जोड़कर साहित्यिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से साहित्यिक सृजन, देश प्रेम और भाईचारे का संदेश फैला रहा है ।2025 में ऐसे दो बड़े कार्यक्रम उल्लेखनीय हैं। वाराणसी आंचल के तीन ग्रामीण क्षेत्रों में संस्था ने किसानों, विद्यार्थियों और भूतपूर्व सैनिकों के साथ मिलकर काव्य गोष्ठी, कानूनी जागरूकता और सांस्कृतिक सरोकारों के कई कार्यक्रम किये। मध्य प्रदेश के सतना आंचलिक क्षेत्र में महाराष्ट्र में नागपुर में और उत्तर प्रदेश में गोल गोकर्ण में संस्था ने इसी तरह के कार्यक्रमों में भाग लिया।
इस तरह यह मंच राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के हितों को लेकर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बहुत सक्रिय है और अपना एक अलग स्थान रखती है।
2026 में यह मंच अपनी सफलताओं में एक नया आयाम जोड़ने जा रहा है
इस मंच द्वारा वर्दीधारी परिवारों को लेकर विश्व रिकॉर्ड का आयोजन किया जा रहा है। 29 और 30 जनवरी 2026, ये दो दिन भोपाल के लिए ऐतिहासिक बनने जा रहे हैं जब अंतर्राष्ट्रीय अनघ मंच चार विश्व रिकॉर्ड के लिए प्रतिस्पर्धा में उतरेगा।
1. सैनिक परिवार द्वारा 25 घंटे का अनवरत ओज की कविताओं का पाठ
2.अमर शहीदों को श्रद्धांजलि हस्ताक्षर अभियान द्वारा
3. खोज की कविताओं का संकलन सैनिकों द्वारा
4. सरस्वती सहस्त्रनाम ग्रंथ
यह शायद इतिहास में पहली बार होगा जब एक सैनिक साहित्यिक और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी संस्था एक ही दिन में चार विश्व रिकॉर्ड बनाएगी।
